इस एक्ट्रेस ने अभिनेत्रियों के कम सेलेरी मिलने पर उठाया सवाल, कहा- ‘ए’ स्तर के अभिनेता से अधिक वेतन मिलना हक है...
अभिनेत्री राधिका आप्टे (Radhika Apte) का मानना है कि ‘मी टू (Me Too)’ आंदोलन बॉलीवुड में आया और चला गया लेकिन फिल्म उद्योग में ज्यादा कुछ नहीं बदला। हाल में एक्ट्रेस ने बताया कि यह निराशाजनक बात है कि मीटू आंदोलन आया और चला गया। बहुत सी चीजें जो बदलनी चाहिए थीं वह नहीं बदलीं। बहुत सी चीजें बाहर नहीं आईं न ही बदलीं। यह वास्तव में निराशाजनक है।
इसके अलावा एक्ट्रेस ने वेतन में भेदभाव के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि वेतन में बिलकुल भी समानता नहीं है। हम वेतन में समानता के बारे में बात नहीं करते। हमें तरह बात नहीं करने की जरूरत नहीं है कि ‘ए’ स्तर की अभिनेत्री को किसी ‘ए’ स्तर के अभिनेता से अधिक वेतन मिलना चाहिए। मोटे तौर पर कहा जाए तो यदि कोई ‘ए’ स्तर का अभिनेता आपको सीधे-सीधे तीन करोड़ रुपए का फायदा करा रहा है तो उसे अधिक वेतन मिलना चाहिए।
लेकिन ए स्तर के अभिनेताओं के अलावा कास्ट और क्रू में अन्य लोग भी काम करते हैं। वहां वेतन में समानता नहीं है। वहां समान वेतन न दिए जाने के पीछे कोई बहाना नहीं है। वे लोग बॉक्स ऑफिस को बिलकुल भी प्रभावित नहीं करते। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण टीम में बहुत सी महिलाएं काम करती हैं और यह एक अच्छी बात है।
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