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B’day Special: पिता चाहते थे बेटा बने डॉक्टर,घर से भाग कर मनोज ने सपनों पर फेर डाला पानी

नई दिल्ली। बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग से इंडस्ट्री में कदम जमाने वाले मनोज बाजपेयी ( Manoj Bajpayee ) आज अपना 51 वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास दिन के मौके पर चलिए जानते हैं कि आखिर कैसे एक गांव के लड़के ने मुंबई जैसी मायानगरी में अपनी पकड़ मजबूत की। बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेता ने पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियागंज के छोटे से गांव बेलवा में 1969 को जन्म लिया था। उनके पिता किसानी किया करते थे।

अभिनेता बनने के लिए छोड़ा घर

हर इंसान की एक चाह होती है उसे अपनी जिंदगी में किसी ना किसी मुकाम तक पहुंचना है। लेकिन कभी-कभी इंसान मुश्किलों का सामना करने में असमर्थ होता है। तो वो अपने सपनों का पूरा नहीं कर पाता है। लकिन मनोज ने 17 साल की उम्र में ही अभिनेता बनने का ऐलान कर दिया था। उनके हीरो बनने के सपने को पंख दिए अमिताभ बच्चन ने, जी हां फिल्म 'जंजीर' को देख उन्होंने मन में ठान लिया था कि वो अपनी जिंदगी में अभिनय के अलावा और कुछ नहीं कर पाएंगे। गांव में रहकर वैसे भी वो थिएटर किया करते थे। उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जब उनके पिता ने उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने से मना कर दिया था। तब मनोज पिता को बता कर दिल्ली एक्टिंग करने के लिए चले आए थे। लेकिन हमेशा उनके पिता चाहते थे कि उनका बेटा एक डॉक्टर बने।

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छोटे पर्दे से हुई एक्टिंग की शुरूआत

अपने अभिनय को बड़े पर्दे पर दिखाने का पहला मौका मनोज को 1995 में मिला। दूरदर्शन के धारावाहिक 'स्वाभिमान' ( swabhiman ) में काम किया। फिर उन्हें फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ में डाकू मान सिंह ( Maan Singh ) का किरदार निभाने का मौका मिला। इस किरदार से उन्हें ज्यादा लोकप्रियता हासिल नही हुई।

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मिला जिंदगी का बड़ा ब्रेक

2017 में आई निर्देशक रामगोपाल वर्मा ( Ram Gopal Verma ) की फिल्म सत्या ( Satya ) में एक विलेन का किरदार निभाया था। जिसका नाम था 'भीखू म्हात्रे'। इस रोल को हां करने से पहले शायद मनोज भी इस बात से पूरी तरह से अनजान थे कि ये किरदार उन्हें रातोंरात हिंदी सिनेमा जगत में एक अलग पायदान पर ला खड़ा कर देगा। फिल्म सुपरहिट तो हुई लेकिन इस फिल्म ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया। 'सत्या' के बाद आई उनकी फिल्म 'शूल' ( Shool ) ने भी उनकी झूली में एक और नेशनल अवॉर्ड गिरा डाला। आज मनोज कि उन अभिनेताओं में गिनती होती है जो एक नए किरदार को जन्म देता है और दूसरे के किरदार को खुद का बना लेते है।

एक नहीं बल्कि दो शादियों का राज

मनोज बाजपेयी की निजी जिंदगी के बारें में बात करें तो उनकी दो शादियां हुई हैं। 1990 में हुई उनकी पहली शादी कुछ ज्याद समय तक नहीं चल पाई। फिर उन्होंने 2006 में बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना रजा ( Shabana Raza ) संग शादी कर अपने रिश्ते को नाम दिया। दोनों ही एक बेटी के माता-पिता है। उन्होंने अपनी बेटी का नाम नेहा ( Neha ) रखा है। वैसे बता दें इन दिनों मनोज बाजपेयी अपने परिवार संग उत्तराखंड में फंसे हुए हैं। उनके साथ 'तनु वेड्स मनु' ( Tanu Weds Manu ) फेम एक्टर दीपक डोबरियाल ( Deepak Dobriyal ) भी मौजूद हैं। जाहिर सी बात है कि लॉकडाउन के बीच शायद मनोज ज्यादा धूमधाम से अपना बर्थडे सेलिब्रेट ना कर पाएं। लेकिन खुशी की बात ये है कि उनके साथ उनका पूरा परिवार मौजूद है।

 

 



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B’day Special: पिता चाहते थे बेटा बने डॉक्टर,घर से भाग कर मनोज ने सपनों पर फेर डाला पानी B’day Special: पिता चाहते थे बेटा बने डॉक्टर,घर से भाग कर मनोज ने सपनों पर फेर डाला पानी Reviewed by N on April 23, 2020 Rating: 5

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